बहादुर दादी की हिम्मत को सलाम, ऐसे भगाया तेंदुए को

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पुणे के मुंढवा में लोगों पर हमला कर उन्हें घायल करने वाले तेंदुए को पूरे ढाई घंटे बाद वन विभाग और दमकल कर्मियों ने बडे मुश्किल से जाल में पकड़ा। तेंदुए के हमले में एक वनकर्मी, एक जानवर प्रेमी दोस्त सहित आठ लोग घायल हुये है। इसी तेंदुए से दो हाथ करने वाले एक बुजुर्ग महिला की पूरे पुणे में प्रशंसा की जा रही है। हुआ यूं की समिंद्राबाई तारु नाम की बुजुर्ग महिला अपने घर के बाहर चुल्हा जला रही थी। इसी चुल्हे के पास में तेंदुआ भी बैठा हुआ था। पर वह उन्हें दिखा नहीं। और अचानक तेंदुआ समिंद्राबाई पर झपटा।

तेंदुए ने इस बुजुर्ग महिला का सिर और गर्दन पकड़ ली थी। पर घायल होने के बाद भी बुजुर्ग समिंद्राबाई ने परिस्थिती को ध्यान में रखते हुए, पास की बाल्टी उठाई और तेंदुए के मुंह में मार दी। महिला ने किया हुआ यह हमला तेंदुए के लिए भी अप्रत्याशित था। जिसके बाद तेंदुए ने समिंद्राबाई को छोड दिया और दुसरी भाग निकला। फिलहाल तेंदुए के साथ संघर्ष करने वाली बहादुर दादी की हर जगह प्रशंसा हो रही है।

मुंढवा के केशव नगर में एक मंदिर के पीछे तेंदुआ घुसा हुआ था। उसके चार से पांच लोगों पर हमला किया था।  तेंदुआ के हमले से लोगों में दहशत थी। इस घटना की जानकारी मिलते ही, वन विभाग के कर्मचारी, दमकल टीम मौके पर पहुंचे। उन्होंने तेंदुए की तलाश शुरू कर दी। उस समय तक, इलाके के नागरिकों ने तेंदुए को देखने के लिए बड़ी भीड़ बना दी थी। इस भीड़ के कारण बचाव अभियान में देरी हुई। कुछ समय बाद तेंदुआ वर्टिकल इन्फ्रा के सोसायटी में घुस गया।

चूंकि यह 12 वीं मंजिल की इमारत थी, इसलिए तेंदुए को खोजने में बहुत ज्यादा समय लगा। अंत में, वन कर्मचारियों को एक बंद गोदाम में हलचल महसूस हुई। गोदाम की खिड़की तोड़ कर बचाव दल के कर्मचारियों ने अंदर प्रवेश करने की कोशिश की। लेकिन तेंदुआ उन पर झपटा। इसमें एक जानवर दोस्त घायल हो गया। हालांकि, अन्य कर्मचारियों ने बिना किसी डर के तेंदुए के उपर जाल डाला और उसे दबोचा। उसके बाद तेंदुए इंजेक्शन लगाकर पकड़ लिया। तेंदुए के हमले में आठ लोग घायल हो गए है।