बाढ़ में बहकर आया विशालकाय मगरमच्छ, पकड़ कर छोड़ा वापस

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केरल में बाढ़ और बारिश थम गई है। लेकिन अब लोगों को वहां नई-नई परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। दरअसल बाढ़ के पानी के कारण सांप और मगरमच्छ जैसे खतरनाक जानवर लोगों के घरों में घुस रहे हैं जिससे लोगों की जिंदगियों के लिए एक नया खतरा पैदा हो गया है। जानकारी के मुताबिक कई लोगों को सांप ने काट लिया है जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ गया है।

बाढ़ थमने के बाद राहत कैंपों से वापस अपने घर जा रहे लोगों का स्वागत सापों, मगरमच्छों जैसे खतरनाक जानवरों के द्वारा हो रहा है। उनकी उपस्थिति में उनके घरों में इन विषैले जानवरों ने अपना अड्डा जमा लिया है।

ऐसी की एक खबर थ्रिसूर जिले से सामने आई है। थ्रिसूर के चलाकुडी में एक व्यक्ति सोमवार को रैहत कैंप से जब अपने घर वापस गया तो उसने अपने घर का मुआयना किया। अपने घर पर उसने जो देखा उसे देखकर उसके होश उड़ गए। उसने देखा कि उसके घर पर एक बड़े विशालकाय मगरमच्छ ने डेरा जमा रखा था। उसने इसकी जानकारी अपने पड़ोसी को दी। फिर दोनों ने मिलकर उसे एक रस्सी से बांध दिया और वापस नदी में छोड़ आए।

पेशे से सपेरा मुस्तफा ने बताया कि मलप्पुरम जिले में पिछले दो दिनों में कई घरों से उसने कम से कम 100 सांपों को पकड़ा है।उसने बताया कि ये स्वाभाविक है कि जब बाढ़ का पानी कम होता है तो नदियों से इस तरह के जानवर बहकर गांवों और घरों तक आ जाते हैं।

बताया जा रहा है कि एर्नाकुलम में 52 लोगों के सर्पदंश से घायल होने की खबर है। कई लोग अपने घरों में सांपों को देखकर भाग खड़े हुए।

जब लोग राहत कैंपों से वापस अपने घर आ रहे हैं तो उन्हें घर के कोनों, जूतों और बर्तनों में सांप बिच्छू नजर आ रहे हैं। बताया जाता है कि थ्रिसूर बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित जिला रहा। इसके अलावा अलप्पुझा, इडुक्की, कोझिकोड, एर्नाकुलम, मलप्पुरम और वायनाड भी काफी प्रभावित रहे।

गौरतलब है कि इस भयंकर त्रासदी में कम से कम 370 लोग मारे गए। लाखों लोगों को बेघर होना पड़ा। इसके अलावा सार्वजनिक और निजी संपत्ति को कुल करोडों का नुकसान झेलना पड़ा।