राजकुमार राव और श्रद्धा कपूर की ‘स्त्री’ दर्शकों को आएगी पसंद, कॉमेडी-हॉरर का है तड़का

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आजकल के मॉडर्न जमाने में यूं तो भूत-प्रेत की बात पर कोई यकीन नहीं करता, लेकिन फिर भी कुछ चीजें ऐसी हैं, जो आपको अपने पर यकीन करने के लिए मजबूर कर देती हैं। स्त्री भी देश के कुछ हिस्सों में प्रचलित एक अवधारणा पर आधारित है। माना जाता है कि कुछ खास दिनों में कोई रूह स्त्री का रूप धर कर घर के मर्द का नाम लेकर दरवाजे पर दस्तक देती है और अगर कोई पुरुष दरवाजा खोल देता है, तो वह उसे अपने साथ ले जाती है। बाहर बस उसके कपड़े पड़े रह जाते हैं। stree_

उससे बचने के लिए लोग अपने घर के बाहर ‘ओ स्त्री कल आना’ लिख देते हैं, जिसे पढ़ कर वह लौट जाती है और यह सिलसिला रोजाना चलता रहता है। फिल्म स्त्री भी एक विचित्र घटना से प्रेरित बताई जाती है। हालांकि, फिल्म में डायरेक्टर अमर कौशिक ने हॉरर के साथ कॉमिडी का भी तड़का लगा दिया है। फिल्म को रियल टच देने के लिए इसकी शूटिंग भी भोपाल के पास एक ऐसी जगह की गई है, जहां ऐसी घटनाओं के बारे में सुनने में आता रहता है। शूटिंग के दौरान भी लोगों को खास हिदायत दी गई थी।

हॉरर के साथ कॉमेडी का तड़का

बॉलीवुड सिनेमा में यूं तो हॉरर कॉमेडी फिल्मों की गिनती कुछ ज्यादा नहीं रही है। ‘भूलभूलैया’ और ‘गोलमाल अगेन’ जैसी फिल्मों को छोड़ दें तो दर्शकों के बीच हॉरर कॉमेडी फिल्मों को अच्छा रिस्पॉन्स भी नहीं मिला है लेकिन राजकुमार राव और श्रद्धा कपूर की रिलीज हुई हॉरर कॉमेडी फिल्म ‘स्त्री’ आपको कई मायनों में अलग लग सकती है। बीते दिनों ‘स्त्री’ का जब ट्रेलर रिलीज हुआ था तो उसको दर्शकों की अच्छी-खासी प्रतिक्रिया मिली थी। फिल्म की कहानी मध्य प्रदेश के चंदेरी नाम के गांव की है। इस गांव के हर घर की दीवार पर लाल स्याही से ‘ओ स्त्री कल आना’ लिखा होता है। stree_कॉमेडी की वजह से हॉरर का तड़का फीखा पड़ जाता है, लेकिन ‘स्त्री’ में दोनों का स्वाद बराबर आपको चखने को मिलेगा.स्त्री की कहानी चंदेरी शहर की है जहां चार दिन की माता पूजन के दौरान स्त्री नाम की चुड़ैल का खौफ पूरा शहर खाता है. यह सिर्फ पुरुषों पर वार करती है. जैसे ही मर्द इसके वश में आते हैं, वैसे ही यह उन पर टूट पड़ती है. और उनके सिर्फ कपड़े छोड़ कर दबोच ले जाती है. इसके खौफ से मर्द साड़ी पहन शहर में घूमने पर मजबूर हो जाते हैं. आखिर यह स्त्री सिर्फ पुरुषों पर ही क्यों वार करती है, क्या है इसकी कहानी।stree_

फिल्म में विक्की (राजकुमार राव) मध्यप्रदेश के एक छोटे से कस्बे चंदेरी में एक टेलर है। चंदेरी में साल के चार दिन पूजा होती है। माना जाता है कि उन दिनों में स्त्री लोगों को अपना शिकार बनाती है, इसलिए इन दिनों वहां के लोग खासे सावधान रहते हैं। एक दिन उसकी मुलाकात एक अंजान स्त्री (श्रद्धा कपूर) से होती है। विक्की अपने दोस्तों बिट्टू (अपारशक्ति खुराना) और जना (अभिषेक बनर्जी) को उसके बारे में बताता है। विक्की उस लड़की से कई बार मिलता है। इसी बीच विक्की का कोई दोस्त और दूसरा दोस्त जना एक के बाद एक करके स्त्री के शिकार बन जाते हैं। तब बिट्टू विक्की को स्त्री की अजीब हरकतों के बारे में समझाता है, तो वे रुद्रा (पंकज त्रिपाठी) की शरण में जाते हैं, जो उन्हें स्त्री की सच्चाई से परिचित कराता है। विक्की और उसके साथी स्त्री से कैसे छुटकारा पाते हैं? यह जानने के लिए आपको सिनेमा जाना होगा। stree_

बखूबी निभाया रोल

राजकुमार राव जब भी स्क्रीन पर आते हैं तो वह अपनी अदायगी से सारी लाइमलाइट बटोर ले जाते हैं. ‘स्त्री’ के जरिए उन्होंने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह हर रोल में अव्वल हैं. उनकी कॉमेडी टाइमिंग से लेकर खौफ खाने का अंदाज आपको भा जाएगा. राजकुमार राव ने फिल्म में एक दर्जी की भूमिका अदा की है, उनकी एक्टिंग आपको अपना दीवाना बना लेगी. अपारशक्ति खुराना, अभिषेक बनर्जी, पंकज त्रिपाठी जैसे सपोर्टिंग स्टार्स ने बेहद सधी हुई भूमिका निभाई है, जो आपका दिल जीत लेगी. ऋद्धा कपूर ने भी अपने रोल के साथ न्याय किया है.